विकेन्द्रीकृत जिला आयोजना

विकेन्द्रीकृत जिला आयोजना

 

73वें एवं 74वें संविधान संशोधन द्वारा भारत सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण एवं सुशासन हेतु ग्रामीण व शहरी विकास की योजनाएं स्थानीय स्तर पर जनता की आवश्यकताओं एवं आंकाक्षाओं के अनुरूप वार्ड सभा/ग्राम सभा स्तर से तैयार किये जाने के निर्देश जारी किये गये है। ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण में समुदाय की पूर्ण जनसहभागिता सुनिश्चित करते हुए केन्द्र एवं राज्य से प्राप्त राशि के आधार पर वार्षिक जिला योजना तैयार की जाती है, जो ग्राम सभा/पंचायत समिति की साधारण सभा एवं जिला आयोजना समिति के अनुमोदन उपरांत योजना के कार्यो को पंचायती राज संस्थाओं द्वारा क्रियान्वित किया जाता है।

 

वार्षिक जिला योजना 2016-17 के निर्माण हेतु राज्य के आयोजना विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई गई सेक्टरवार आयोजना सीमा (Plan Ceiling) का जिलेवार आवंटन हेतु विभाग स्तर पर संबंधित सेक्टर/विभागों के साथ बैठकों का आयोजन किया गया है। तत्पश्चात् प्लान सीलींग का जिलेवार आवंटन कर जिलों को पे्रषित किया गया। जिलों द्वारा योजनान्तर्गत उपलब्ध होने वाली सीलिंग को दृष्टिगत रखते हुए जिलें की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप वार्ड सभा/ग्राम सभा से प्रस्ताव प्राप्त कर पंचायत समिति स्तर पर सम्बन्धित विभागों के ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों द्वारा तकनीकी परीक्षण किया जाकर जिलों को प्रेषित किये जाते है। तत्पश्चात् मुख्य आयोजना अधिकारी द्वारा प्लान को जिला आयोजना समिति से अनुमोदन करवाया जाकर कार्यो का क्रियान्वयन किया जाता है, जिनकी त्रैमासिक आधार पर जिला आयोजना समिति द्वारा समीक्षा की जाती है।

 

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